The थू थू model of decision-making within the Sanghi House

ये तो असल मे भाजपा और संघी व्यवस्था की "खुराक" (भोजन) है।

संघी व्यवस्था असल मे थू-थू किया जाने से ही चलती आयी है।  
 *The थू थू model of functioning within the Sanghi House* 

1) सबसे पहले तो कुछ भी औनापौना कर्म कर देते हैं। 

2) फ़िर लोगो की प्रतिक्रिया का इंतज़ार करते है। 

3) यदि ज्यादा थू थू हो जाती है, तब चुपके से उसमे बदलाव, सुधार या  कि पूरा से वापस (roll back) कर लेते हैं। 

लोग थूक कर चाटने को बेइज़्ज़ती का काम मानते हैं। संघियो ने बाकायदा इसे functioning technique बनाया हुआ है।

करोना vaccine के तीन दान मोदी जी ने बाकायदा announce किये थे।

वो तो जब केजरीवाल ने protocol तोड़ कर public में थू थू कर दी, तब चुपके से बदलाव कर दिया और अब free vaccine देने लगे हैं
साथ मे ads दे दे कर वाहवाही लूटने में जुगत लगा रखी है

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