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अंतरिक्ष अनुसंधान और कंप्यूटर कृत तस्वीरें

 अंतरिक्ष अनुसंधान की अधिकांश तस्वीरें काल्पनिक शक्ति के प्रयोग करके कंप्यूटर कृत ही दिखाई जाती हैं।  बल्कि एक आश्चर्यजनक तथ्य यह भी है कि किसी भी मनाव निर्मित उपग्रह तथा यान ने आज तक खरबों खरबो धरती की तस्वीरें निकाली है, * मगर एक भी तस्वीर में धरती को पूर्ण गोल रूप में देखा नही गया है। *  इसका मतलब है की इस बात का एकदम अभेद प्रमाण किसी तस्वीर के रूप में तो आज भी नही है कि धरती गोल ही है ! जो भी तस्वीर हम इंसानों ने आज तक देखी हैं जिसमे धरती गोलाकार दिखती है, * वह कल्पना कृत है। *  दूसरा, कि धरती की एक भी तस्वीर बादल रहित कभी भी नही मिली है। मतलब , देशो और समुन्द्रों की सीमाओं को स्पष्ट दिखाने वाली google maps और google earth की जो कोई भी तस्वीर हम देखते है वह सब कंप्यूटर द्वारा कई तस्वीरों में संपादन करके बदलो इत्यादि को हटा करके, रंगों को निखार करके निर्मित करि जाती है।  इसका अर्थ यह है कि दूसरे शब्दों में वह सब " छेड़छाड़ " से प्राप्त तस्वीरें ही है।  इसका यह अर्थ भी नही की हम वापस संदेह करने लगे कि क्या हमे झूठ पढ़ाया जाता है कि धरती ...

प्लूटो ग्रह की समीप यात्रा

शासन शक्ति प्राप्त करने के लिए करी जाने वाली कुटिल प्रतिस्पर्धा  और अंतरिक्ष अनुसन्धान के मध्य एक समानता यह है की दोनों ही कार्य सम्पूर्ण अज्ञानता में आरम्भ करे जाते है...

भारत का मंगलयान अभियान और इसकी आलोचना

6मई 1970 को अर्नेस्ट स्टुलिंघेर नाम के नासा के एक सम्बद्ध निदेशक के पद पर आसीन एक अन्तरिक्ष वैज्ञानिक ने ज़ाम्बिया की एक नर्स, सिस्टर मैरी जकुंडा को एक पत्रोत्तर में यह तर्क स्प...

संस्कृति , मानसिकता और वैज्ञानिक मिशन के उद्देश्य

तमाम देशों के अपनी अपनी सभ्यता है और विचार हैं। यही विचार उनके वैज्ञानिक और अंतरिक्ष अनुसंधान के उदेश्य को तय करते हैं। उदहारण के लिए : अमेरिकी स्वयं को विश्व कल्याण का नेत्रित्व कर्ता मानते हैं। इसलिए मंगल गृह से सम्बंधित खोजों का अमेरिकन का उद्देश्य पराग्राही जीवन की खोज, जीवन क्या है, उसको समझना, और सुदूर भविष्य में जब धरती किसी खगोलिय कारण से मनुष्यों के रहने लायक न रह जाए तब विस्थापित करने के लिए तैयार करना है। चीनी लोग खपत-खोर(consumerist) किस्म के हैं और हर एक वस्तु की खपत करने का रास्ता दूंडते रहते हैं। उनका मंगल गृह का उद्देश्य है कि कभी सुदूर भविष्य में मंगल के खाद्यानों को मनुष्य के उपभोग के लिए धरती पर लाने का मार्ग प्रशस्त करना। तब जब मनुष्यों की बढाती आबादी धरती के खाद्यानों को पूरी तरह खपत कर चुकी होगी। चीन मौजोदा में धरती का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। भारतीय लोग आपस में अपने पडोसी से गुप-चुप प्रतिस्पर्धा और ईष्या के लिए जाने जाते हैं। हमारा मंगल गृह पर खोजों का उद्देश्य है वहां भारतीय तिरंगे को जल्दी से जल्दी, अपने प्रतिस्पर्धी से पहले फैलाना और वहां प्राप्त किये गए...

'मंगलयान' अभियान का प्रेरणा उद्देश्य क्या होना चाहिए ?

   हिंदी भाषा के एक समाचार चेनल IBN-7 पर एक उच्च पदस्त अंतरिक्ष वैज्ञानिक को भारत के मंगलयान मिशन(अभियान) के प्रेरणा-उद्देश्य का व्याख्यान करते सुना की क्यों भेजा हैं भारत ने यह मिशन | उनकी बातों और विचारों को सुन के मुझ में फिर से वहीँ ग्लानी , वही शमंदिगी महसूस हुई जो बार-बार  , कितनो ही बार मैंने स्वयं के एक भारतीय होने की वजहों से महसूस करी हुयी है | वही बेईज्ज़ती और शर्मंदिगी, जिसमे की मेरे मन में वह संदेह होता हैं की क्या यही वह भारतीय सभ्यता थी जिसने समूचे विश्व को सभ्यता का पाठ अपने काव्य रचना, रामायण, के माध्यम से दिया था , और क्या यही वह सभ्यता है जिसने घर्म और न्याय के महाग्रंथ , श्रीमद भगवद गीता, की रचना करी थी |   अंतरिक्ष वैज्ञानिक जी का कहना था की मगल यान मिशन का प्रेरणा-उद्देश्य है इस दुनिया में भारत का नाम ऊँचा करने का -- यह साबित करने का की भारत के पास भी काबलियत है ऐसे उच्च तकनिकी मिशन को सफलता पूर्वक पूर्ण कर सकने की , और भारत का अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में लोहा मनवाने की | भारत ने यह मिशन मात्र रुपये 450 करोड़ में ही भेजा है , जब की रूस, अम...