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ये अनुशासन क्या चीज़ है ? भारतीय समाज और संस्कृति में अनुशासन के क्या वास्तविक मायने होते हैं ?

ये अनुशासन क्या चीज़ है ? भारतीय समाज और संस्कृति में अनुशासन के क्या वास्तविक मायने होते हैं ? -- अंग्रेज़ों ने जब भारत में अपनी फ़ौज़ें भारत वासियों को ही भर्ती करके बनाना शुरू किया था , तब उन्होंने भारतीयों को सुधार करके एक दूसरे के संग तालमेल में कार्य सकने के क़ाबिल बनाने के लिए जो कुछ कार्यवाहियां करते थे, उसे अंग्रेज़ लोग "अनुशासन" करके पुकारते थे ! अनुशासन कार्यवाहियां क्या और कैसे होती थी ? -- सज़ा या दंड देना , अलग थलग कर देना , सभी के सामने ज़लील करना , विशेष कार्यों से दूर करके महत्त्व कम करना, "स्व-सम्मान" निम्न होने की अनुभूति देना । self respect या आत्मसम्मान को चोटिल करने के लिए जो आवशयक विधि थी वह ये थी कि-  1) पहले तो कुछ कार्य ऐसे कराया जाए जो की कुछ विशेष या महत्त्व वाले होने का आभास जागृत करें।   2) अब, दूसरे कदम में, उस महत्वपूर्ण से दिखने अथवा आभास देने वाले कार्य से उन "दुष्ट" लोगों को अलग थलग कर के निकाल दो जिन्हे की "जलील" करने का target रखना हो।  इससे वह target  व्यक्ति खुद की आत्म ग्लानि को महसूस करने लगेगा जब वह देखेगा कि उ...

a Manual of how to destroy a nation

Formula on how to Mother Fu#k a nation : 1) Don't have to change any law or the Constitution 2) Simply position Cho#tiya persons in top chairs, IAS, IPS, IFS, etc, someone who is incapable and incompetent to be able to identify the real gold from the glittering pieces 3) Such persons will do the rest. all while singing the National Song/Anthem   the M@* Govt is working hard to wash away all the signs of colonial thinking that was cultured within the Indian society by the British -- the colonial, outdated laws, the names of cities, the superiority of English speaking,  EXCEPT the legacy of the Laat Sahabi Bureaucracy ! --

इतिहास के संग छेड़छाड़ क्यों नहीं करनी चाहिए

मोदी सरकर अपने कार्यकाल में स्व:घोषणा से तो मुगलों के बनाए वास्तुशिल्प उत्कृष्ट इमारतों को तोड़ हटाना के बाद अंग्रेजों के बनाए तमाम कानूनों को मिटाने, बदलने, "नवनिर्माण" करने में लगी हुई है मगर वास्तव में ये लोग जातिवाद, भेदभाव का प्रसार, तथा समाज निर्माण का cement यानी आपसी विश्वास में मिलावट, कर रही है। तथ्यिक इतिहास के संग छेड़छाड़ भारत उपमहाद्वीप पर बसे तमाम समुदायों के बीच में mutual trust निर्मित करने की निर्माण सामग्री को मिलावटी बना देगा।  जगहों का , स्थानों का नाम भी उनकी एतिहासिक तथ्यों को संरक्षित करता है। इन नामों को रातोंरात बदल देना — केवल घृणा और बैर के चलते — ये इतिहास के संग छेड़छाड़ है।  इतिहास के तथ्य भी समाज निर्माण की cement यानी mutual trust की सामग्री होते हैं, तमाम अन्य सामग्रियां, जैसे कि कानूनों, के इलावा। सो, उनको बदलने का अर्थ होता है cement में मिलावट करना। समुदाय अगर कभी आपसी स्पर्धा या विवाद में उलझ गए भविष्य में, तब कोई न्याय का आधार नहीं मिलेगा बड़े–बुजुर्ग जन लोगों को कि समझौता करवा सकें ! संघर्ष पर विराम लगाना मुश्किल से असंभव हो जाएगा ! अं...