पश्चिम का 'सेकुलरिज्म' और भारत के 'सेकुलरिज्म'
पश्चिमी यूरोप और उतरी अमेरिका का सेकुलरिज्म (Secularism, = धर्म निरपेक्षता ) भारतीय प्रसंग की धर्म-निरपेक्षता से कैसे भिन्न है यह समझने के लिए हमे इन पश्चिमी यूरोपीय देशों के सांस्कृतिक इतिहास को समझना होगा जहाँ से प्रजातंत्र और सेकुलरिज्म , दोनों का ही जन्म हुआ है | सेकुलरिज्म के इस प्रसंग की कहानी हम पश्चमी यूरोप के मुख्य धर्म , इसाई धर्म, को सेकुलरिज्म की उत्त्पत्ति की इस कहानी मध्य में रख कर समझ सकते हैं | सोलहवी शताब्दी के युग तक इसाई धर्म का केन्द्रीय गढ वैटिकन चर्च था , जो की इटली की राजधानी रोम के मध्य में स्थित एक स्वतंत्र धर्म-राज्य है | इस चर्च के अनुपालकों को रोमन कैथोलिक , या सिर्फ कथोलिक , कह कर बुलाया जाता है | सोलहवी शताब्दी तक इसाई धर्म में पादरियों और चर्चो की आम ईसाईयों की ज़िन्दगी में हस्तक्षेप बहुत चरम पर था | उस समय की मान्यताओं के अनुसार वह इंसानों को अपनी समझ और अपनी राजनैतिक सुविधा के अनुसार कभी भी सजा दिया करते थे | यह याद रखना ज़रूरी होगा की तब विज्ञानं का करीब-करीब न के बराबर प्रसार था | इस लिए तत्कालीन विज्ञानियों का कथन तो एक ईशनिंदा (b...