Knowledge अलग चीज़ होती है, और Consciousness अलग

Knowledge अलग चीज़ होती है, और Consciousness अलग। 

क्या क्या अन्तर पकड़ सकते हैं , इन दोनों में, आप? 

Knowledge और Consciousness को किसी number line की तरह से समझें। knowledge कोई number मात्र है, जबकि consciousness पूरी की पूरी number रेखा है। यानी knowledge को ईंट ईंट करके जोड़ कर के consciousness बनती है।

 Knowledge किसी एक दिशा में रखा हुआ एक नम्बर है। यानी, जब आप मात्र किसी एक ही number को देख रहे होते हैं, तब आप को सिर्फ knowledge मिल रही होती है। मगर जब आप दोनों विपरीत दिशाओं के अंकों को देखने लगते हैं, तब आपको पूरी number line दिखाई पड़ने लगती है, यानी अब आपमें consciousness आने लगती है।

 नम्बरों के विशेष पहचान वाले वर्ग से आप कोई group बना सकते है, जैसे कि odd numbers , prime numbers, integers। ये ऐसे हुआ कि आप छोटे छोटे knowledge को संग रख कर आप कोई theory बना लेते हैं। मगर theory भी अभी आपको सम्पूर्ण परिचय नही करवाती है विषय से। ऐसा परिचय की आप उस विषय पर एक सिद्ध नियंत्रण करना सीख जाएं, ऐसे जैसे आप ही उसके master हो। 

 तो theory भी अभी थोड़ा अधूरी होती है। theory मात्र आपके देखने के चक्षु को विस्तृत करती है - सूक्ष्म और विराट दोनों तरह से देख सकने में आपकी सहायता करती है। 

 मगर इसके आगे भी काम बाकी रह जाता है, consciousness तक पहुँचने के लिए। क्या? कि , अभी इस तरह की बहोत सारी theories को समझना पड़ता होता है। consciousness इसके बाद में मिलती है। 

Consciousness ही ब्रह्म है। consciousness ही इंसान में भगवान का अंश होती है।

Comments

Popular posts from this blog

The Orals

About the psychological, cutural and the technological impacts of the music songs

आधुनिक Competetive Examination System की दुविधा