Spiritual (या Thought Leader) क्या होता है, क्यों चाहिए होता है, और क्या दिक्कत होती है उसके चयन में

Spiritual Leader एक thought leader होता है, जिसकी समझ ज्यादा परिपक्व होती है।

क्या मतलब हुआ परिपक्व का? परिपक्व मतलब mature का?
वो जो कि घटनाओं को व्यापकता से देखें और बूझे, समय रेखा पर भी और भूगौलिक स्थानों पर भी।
वो व्यक्ति जो इंसानों को न केवल उनके नाम, जाति या धर्म से चिन्हित करता हो, बल्कि वो जो कि इंसानों को उनके चरित्र, प्रकृति, बौद्ध, तर्क, चिंतन शैली जैसे तरल पैमानों से भी सटीकता से पहचान कर सके और अनुमान बांध सके कि किसकी क्या प्रतिक्रिया, क्या आने वाला व्यवहार हो सकता है।

ये होता है spiritual लीडर। Thought leader भी अक्सर वही होता है, क्योंकि वह समुदाय को उनके विचारो की दिशा देता है। कि किस प्रयोजन में सभी सदस्यों को मिलजुल कर, एक साथ युग्न करना चाहिए।

सभी स्वस्थ मस्तिष्क वाले इंसानों को एक spiritual / thought leader की अपने जीवन में कमी का बोध होता है । सभी इंसान ढूंढ रहे होते हैं अपने लिए एक गुरु को, जो कि उन्हें संसार से अवगत करवाता रहे, क्योंकि संसार में कदम कदम पर रहस्य, अज्ञानता, खतरा, धोखे,असुरक्षा, होती है। आवश्यक नही कि जन्म देने वाला पिता, (या माता, या दोनो ही) इस काबिल हों कि वह spiritual leader की भी भूमिका निभा सकें।

शायद यहीं से कई सारे इंसान इस मनोवैज्ञानिक कमी को महसूस करते हुए किसी religious cult में फंस जाते हैं।  Religious Leader ऐसे लोग होते हैं जो कि किसी भी व्यक्ति को आसानी से , तीव्रता से उसके जीवन में अनुपलब्ध कमी, spiritual thought leader को खुद के आ जाने से पूरा कर देने का एहसास देते हैं।

  इंसानी मनोविज्ञान की दिक्कत ये रहती है कि spiritual thought leader की कमी के चलते इंसान अक्सर तमाम तरहों की insecurities से आ घिरता है। वह खुद में ही, भीतर भीतर ऐसा वैसा सोच सोच कर डरने लग जाता है कि यदि उसके साथ ऐसा ही हुआ तो क्या होगा, क्या हो जायेगा, यदि उसके संग भी वैसा कुछ हो गया तो वह क्या करेगा?
ये सब insecurities से निजात पाने के लिए मनोविज्ञान खुद से ही इंसान को संकेत करने लग जाता है किसी आदर्श पिता की तलाश करने को, जिसे की अक्सर अंग्रेजी भाषा में god father, या की spiritual thoughts father भी पुकारते हैं। और इसी कमी के एहसास में से जन्म होता है एक और सांसारिक चलन का, जिसे हम religious cult के नाम से भी जानते हैं। जिन इंसानों के जीवन में उचित, आदर्श spiritual thoughts leader होते हैं, उन व्यक्तियों के अंदर का आत्मविश्वास दूसरा ही होता है, अधिक तेज वाला, अधिक चमक, आभा वाला। उनके चेहरे की चमक और सौंदर्य से वह झलकता भी है क्योंकि insecurities से मुक्त हो कर लालन पोषण प्राप्त करे होते हैं बाल्यावस्था से ।

हालांकि अब यहां से ही संसार की दूसरी दिक्कत भी आरंभ होती है, जिनके किस्से कहानी हम लोग सुनते आए हैं Religious Cult कि तमाम घटनाओं में। विदेशों में  David Koresh cult, Jim Jones Jonestown Massacre, काफी चर्चित घटनाएं हैं। और यहां भारत में Osho Rajneesh, Ram Vriksh, आसाराम, बाबा भूतनाथ, पकिस्तान में हाफिज सईद, ओसामा बिन लादेन, इत्यादि कुछ चर्चित नामों में से है cult Leaders के। ये सभी leaders ने अपने अनुपालको का अलग अलग तरह से शोषण (यौन और अन्य शारीरिक) किया और अपने निजी उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए साधन बना कर उपभोग किया है, यहां तक किअनुयायियों के जीवन की क्षति भी कर डाली है। इन्होंने महिलाओं, बच्चों , वृद्ध, अपाहिज, किसी को भी नहीं बख्श किया है अपनी अंध श्रद्धा के बहाव में बहते हुए।

तो, अच्छे और आदर्श spiritual thought leader का चयन कर सकना , यह बिंदु वापस से इंसान के लिए एक चुनौती बन जाती है, जो कि पहले से ही जूंझ रहा होता है अपने मस्तिष्क के भीतर ही भीतर, बाकी अन्य insecurities से।

Comments

Popular posts from this blog

The Orals

Why say "No" to the demand for a Uniform Civil Code in India

What is the difference between Caste and Community