Friday, April 18, 2014

What is a Polemics?

Polemics : वाद-विवाद करने की एक कला जिसमे की किसी विषय पर एक पक्षिय (एक तरफ़ा) स्थान ले लिया जाता है जो कि असहनशीलता से भरा हो और बहोत सारे लोगों को असुविधा होने की संभावना हो।
  कौन सा विचार Polemics कहलाने के लिए उचित होगा और कौन सा नहीं होगा - यह विश्लेषण की वस्तु होती हैं। एक अबोध वक्ता किसी यथा संभावित समाधान को भी Polemics समझ बैठने का भ्रम कर सकता है।
  Polemics अधिकांशतः ब्रहमिया अथवा कर्मकांडी धार्मिक विषयों से प्रेरित होते पाए जाते हैं। इसलिए क्योंकि अभी कुछ सदियों पुर्व तक, जिस काल में प्रजातंत्र सरकारें अस्तित्व में नहीं थी तब समाज को कर्मकांडी धार्मिक नियमों द्वारा ही संचालित किया जाता था। यही Polemical नियम 'व्यवस्था' के आधार थे।
  Polemics और वाद-विवाद (debates) में अंतर यह होता है की डिबेट्स में किसी चरम प्रावधान को समाधान के तौर पर सुझाया नहीं जा रहा होता है । चरम प्रावधान नैतिकता सम्बंधित विचार-विमर्श प्रकट करते है जबकि किसी डिबेट्स में प्रतिस्पर्धा करते दोनों ही विचार नैतिकता पर एकदम पुख्ता तौर पर खरे तो होते ही हैं। Polemics में उपलब्ध विचार की नैतिकता नए युग के पैमानों पर या तो अभी परख नहीं करी गयी होती है या पहले ही 'गलत' चिन्हित होती हैं। 
  Polemics के उद्धहरण के लिए -
1) विवाह पूर्व के प्रेम संबंधों पर मृत्यु दंड का सुझाव देना।
    यह नए युग की सामाजिक समस्या नहीं मानी जाती है, हालाँकि यह प्रचुर घटना (अक्सर पाई जाने वाली)  हो सकती है।
   न ही किसी के व्यक्तिगत जीवन में दखल देना नए युग के संस्कारों में उचित है।नैतिकता के इस पैमाने पर यह विचार पहले ही 'गलत' माना जाता है। फिर , सुझाया गया समाधान तो एकदम ही चरम है - मृत्युदंड।
2) बलात्कार के अपराध पर मृत्युदंड सज़ा माफ़ कर देने का सुझाव वह भी इस तर्क पर की "लड़के हैं, भूल हो जाती है"।
  बलात्कार को सामाजिक समस्या माना जाने लगा है। बलात्कार-संग-हत्या की घटनाओं पर मृत्युदंड का प्रावधान पहले ही है। एकाकी बलात्कार अपराध पर भी लम्बे कारावास के प्रावधान दिए गए हैं। ऐसे में किस मृत्युदंड को माफ़ कर देने का
सुझाव है? हत्या की घटना में मृत्युदंड की माफ़ी वर्तमान नैतिकता में 'गलत' चिन्हित है। हत्या अपराध पर क्षमा देने की प्रावधान एक चरम उपाय है।
   
Polemics को अधिकाँश तौर पर Controversial Statement कह कर भी संबोधित किया जाता हैं।