(भाग 2)क्या केमिकल लोच्चा है भक्तों की बुद्धि में -.....!!

अब यह "केमिकल लोच्चा" वाले भक्तों की बुद्धि में भाजपा के नागरिकों को स्वावलंबी बनने के पाठ को देखिये।
   आरम्भ से ही भारत गुलामी के दौर से निकला एक गरीब देश रहा है। कांग्रेस पार्टी ने तो 60 साल गरीबी हटाओ नारे के तहत ही सारे भ्रष्टाचार कर्मकाण्ड कर डाले हैं।
     ज़रा गौर करें की अब भाजपा और नरेंद्र भाई अपने युग में इस गरीबी हटाओ को किस तर्को में प्रस्तुत कर रहे है। यहाँ गरीबी का निपटारण करने की बजाये गरीबी का छींका नागरिकों के सर पर फोड़ देने का प्लान है। भाजपा शायद यह तर्क प्रस्तुत करना चाहती है की गरीबी इस वजह से है की नागरिक वर्ग आलसी है, मेहनत से दिल चुराता है, कामचोर है, मुफ्तखोरी करना चाहता है। यानि, भाजपा के तर्कों में देश में व्याप्त गरीबी का कारण प्रशासन की असफलता और व्यापक भ्रष्टाचार नहीं है..बल्कि नागरिक खुद ही हैं।

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