भाजपा के जाली विज्ञापन

"अमेरिका मोदी से डरता है क्योंकि मोदी भ्रष्ट नहीं हैं।"--भाजपा द्वारा एक प्रचारित विकीलीक्स के नाम-अंतर्गत एक जाली विज्ञापन

    बीते कुछ वर्षों में जिन-जिन देशों में जन-क्रांति हुई है वहां के तानाशाहों ने उसे "सीआईए (CIA)" का , "पश्चिमी देशों की साज़िश" , और यहाँ भारत में "फोर्ड फाउंडेशन (Ford Foundation) की साज़िश" करार दिया गया है।
   जन-क्रांतियाँ चले आ रहे तंत्र को पलट देने का उद्देश्य पूर्ण करती हैं। स्पष्ट हो जाना चाहिए कि भाजपा और आप पार्टी के मध्य कौन सी पार्टी जन क्रांति से उभरी है? और कौन इस स्थापित तंत्र में बदलाव को रोकना चाहता है? किस पर फोर्ड फाउंडेशन से चन्द लेने का आरोप मथा जा रहा है (तब जब कि फोर्ड फाउंडेशन ने चंदे तो उनको राज्य की गैरसरकारी संस्थाओं को भी दिए हैं) और कौन स्वयं को "भ्रष्ट नहीं किये जा सकते हैं" कि दलील जनता में बेचना चाहता है।
   "अब उल्लू मत बनाओ क्योंकि उल्लू बनना कोई अच्छी बात तो नहीं हैं।"- टीवी पर आने वाले एक विज्ञापन में दिया गया जन सन्देश।
   वर्तमान में भारत और अमेरिका के व्यग्तिगत सम्बन्ध बहोत गहरे रहे हैं। प्रवासी भारतियों ने अमेरिका को अच्छे से अपना लिया है और वहां के विकास, संस्कृति और प्रशासन का अभिन्न अंग हैं। अगर हाल में घटे भारतीय राजदूत प्रकरण को एक अपवाद घटना माने तो भारत अमेरिका सम्बन्ध बहोत अच्छे और मैत्री पूर्ण हैं। ऐसे में अमेरिका को भारत की स्वायत्ता का शत्रु दिखा कर चुनाव प्रचार करना उनकी मंशाओं पर एक सवाल खड़ा करता है । शायद यह अमेरिकी वीसा नहीं दिए जाने की खसियाहट है।

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