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Showing posts from February, 2018

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Explainer: the four judges rebel episode of 12 January 2018

यह युग उद्यमियों का युग है, कृषकों का युग नहीं है यह

Enterprising skills हैं ही क्या ?
उद्यमी वही व्यक्ति हो सकता है जिसके चरित्र में ही हो -- नए , अपरिचित , अपरीक्षित वस्तुओं और विचारों का तुरंत उपयोग करे।
आम व्यक्ति जो कि श्रमिक प्रकृति के होते हैं, वह शारीरिक परिश्रम करके भोजन करके सो जाना पसंद करते हैं। वह खोज करने या नित नए प्रयोग करने में समय को व्यर्थ करना समझते हैं। वह दैनिक कार्यों में संघर्षशील रह जाते है और नए - अनुसंधान, आविष्कार, अन्वेषण - कभी भी नहीं कर पाते। सामाजिक इतिहास से देखें तो वह ' कृषक ' (agragarian) प्रकृति के लोग कहे जा सकते हैं।और जिनका चरित्र ऐसा नहीं होता, वही उद्यमी(entrepreneur) होता है। उद्यमी होना कोई बुरी बात नहीं है। उद्यमी  कहीं भी कुछ नए की तलाश में होता है। कृषक किस्म के लोग शारीरिक परिश्रमी होते हैं, और इसीलिए वह उद्यमी भी नहीं होते हैं; (दोनों बातों के जोड़ पर ध्यान दीजिए)। कृषक समय के बदलाव को न तो क्रियान्वित करते हैं और न ही खुद को समय के अनुसार बदल पाते हैं। तो वह पिछड़े भी बन जाते हैं।उद्यमी इसके विपरित हैं। सोलहवीं शताब्दी से जो औद्योगिक क्रांति में मशीन का इजाद हो गया, तब से दुन…