Between you and I this is what the problem is !

तुम्हारे और मेरे बीच में समस्या यह नहीं है की मैं ज्यादा ज्ञानवान बनने की कोशिश करता हूँ , समस्या यह है की तुम ज्ञान-विरोधी व्यवहार रखते हो ।
    ऐसा नहीं है की "मैं कुछ ज्यादा ही जानता हूँ", बल्कि तुम ही जीवन और प्रकृति की भौतिक समझ नहीं रखते हो ।
    ऐसा नहीं है की मैं कानूनची बनने की चाह रखता हूँ, ज्यादा ही नियम-कानून बतियाता हूँ; तुम ही साधारण नियम, प्रमाण की सहज जानकारी , इन सब की कम समझ रखते हो ।
     गलती मेरी नहीं है , गलती तुम्हारी है की तुम कम-बुद्धि, क्षिद्र-विश्लेषण योग्यता के हो, और उसके ऊपर शिक्षा विरोधी व्यवहार भी अपना लेते हो, भले ही इसके बाद तुम चाहे जितना भी अपनी शिक्षा और योग्यता के प्रमाणों से मुझे और दुनिया को प्रभावित करने की कोशिश कर लो ।

        Between you and me, the problem is not of my eruditism, it is of your anti-educationism.
       It is not that 'I Know more', it is because you lack the foundation knowledge of ,most things in life and nature.
         It is not because I am too much into Legality, but that you do not have understanding of the Common Law.          
         Problem is not here, you are lacking in IQ and then adopting an anti-educationist behaviour, however hard you may try to impress on me your education and qualification credentials.

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